नौसेना प्रमुख एडमिरल हुसैन खानज़ादी ने तेहरान में अपने एक भाषण में कहा कि अमरीका ब्रिटेन और ज़ायोनी शासन, अब समुद्र की सुरक्षा को नुक़सान नहीं पहुंचा सकते।
उन्होंने बल देकर कहा कि क्षेत्र के बहुत से देशों के विपरीत ईरान की जल सीमा की सुरक्षा, स्वदेशी संसाधनों और क्षमताओं पर निर्भर है।
ईरान की नौसेना प्रमुख ने कहा कि गत 40 वर्षों से ईरान के खिलाफ दुश्मन की ओर से लगाये गये सभी अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों की वजह से, नौसेना के लिए ज़रूरी युद्धपोत, नौकाएं, और पनडुब्बियां सहित सभी चीज़ें देश में बनायी जाती हैं।
याद रहे ईरान में 28 नवंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है।
इस दिन ईरान के खिलाफ इराक़ के युद्ध के दौरान ईरानी नौसेना के जियालों ने इराक के " अलबक्र" और " अलउमैया" तेल निर्यात जेट्टियों पर हमला करके उसके दो तिहाई भाग को तबाह कर दिया था और इस जेट्टी पर ईरान का झंडा फहरा दिया था।